नई दिल्ली। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने लोगों को चर्चित “नीले ड्रम” हत्याकांड की याद दिला दी। इस बार कहानी एक हरे रंग के ड्रम से जुड़ी है, जिसमें एक युवक की लाश बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मुंब्रा निवासी अरबाज खान करीब एक महीने पहले अचानक लापता हो गया था। परिवार को लगा था कि वह काम के सिलसिले में बाहर गया है और कुछ घंटों में लौट आएगा, लेकिन उसकी वापसी कभी नहीं हुई। बाद में पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
यह मामला 3 अप्रैल का बताया जा रहा है। अरबाज खान घर से यह कहकर निकला था कि वह दादर जा रहा है, जहां उसे किसी काम के पैसे लेने हैं। परिवार को उस पर कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह अक्सर काम के सिलसिले में बाहर जाता रहता था। लेकिन रात तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। पहले परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा। आखिरकार परिवार ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरुआत में मामला एक सामान्य मिसिंग केस की तरह लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।
मुंब्रा पुलिस ने अरबाज के कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की। तकनीकी जांच में पता चला कि जिस दिन वह गायब हुआ था, उसकी आखिरी लोकेशन वसई इलाके में मिली थी। इसी दौरान पुलिस ने अरबाज की कथित प्रेमिका मेहजबीन शेख का मोबाइल डेटा भी खंगाला। जांच में सामने आया कि उसी दिन मेहजबीन की लोकेशन भी उसी इलाके में थी। यहीं से पुलिस का शक गहरा गया और पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ।
पुलिस ने मेहजबीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी सबूत और लोकेशन डेटा सामने रखा, तो उसकी कहानी बदलने लगी। पूछताछ में सामने आया कि अरबाज और मेहजबीन के बीच प्रेम संबंध थे और इसी वजह से मेहजबीन का अपने पति हसन के साथ विवाद चल रहा था। हसन को दोनों के रिश्ते की जानकारी मिल चुकी थी और इसी के बाद कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस के मुताबिक, मेहजबीन, उसके पति हसन, भाई तारिक शेख और उसके दोस्त मुआजम पठान ने मिलकर अरबाज को जाल में फंसाया। उसे वसई बुलाया गया और कहा गया कि उसे पैसे मिल जाएंगे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले अरबाज से पैसे मांगने की कोशिश की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फिरौती के तौर पर कितनी रकम मांगी गई थी। जब अरबाज पैसे नहीं दे पाया, तो मामला हिंसा तक पहुंच गया। आरोप है कि अरबाज की प्लास्टिक पाइप से बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के लिए एक बड़ा हरे रंग का ड्रम खरीदा। अरबाज की लाश को उसमें डालकर बंद किया गया और बाद में उसे वसई के एक नाले में फेंक दिया गया। करीब 1 महीने तक यह राज छिपा रहा। लेकिन पुलिस की लगातार जांच और पूछताछ के दबाव में आखिरकार मेहजबीन टूट गई और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस वसई पहुंची, जहां नाले से हरा ड्रम बरामद किया गया। जब ड्रम खोला गया, तो अंदर से सड़ी-गली हालत में शव मिला। बाद में उसकी पहचान अरबाज खान के रूप में हुई।















