नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका 7 दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं। आज सुनवाई के दौरान दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने पहले फैसला को सुरक्षित रख लिया था। क्योंकि दिल्ली पुलिस ने 3 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन बाद में फैसला सुनाते हुए दोनों नेताओं को जमानत दे दी। अब दोनों CJP सह-संयोजक सात दिन बाद तिहाड़ से रिहा हो गए हैं। उन्हें पहले 5 दिन की न्यायिक हिरासत पर तिहाड़ जेल भेजा गया था। जिसे बाद में दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया था।
सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उन्हें जंतर-मंतर के डी-नोटिफाइड प्रदर्शन स्थल में जबरन घुसने और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को SEM कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी थी। इस हिरासत का समय आज बुधवार को खत्म होने वाला था। लेकिन इस बीच दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोनों की हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन SEM कोर्ट ने पुलिस की मांग नहीं मानी।
न्यायिक हिरासत बढ़ाने के विरोध में आशुतोष और सौरभ दास ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। आज दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने CJP की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा था, जब मामला आज SEM कोर्ट में सुनवाई के लिए निर्धारित है, तो उन्होंने हाई कोर्ट का रुख क्यों किया। हाई कोर्ट ने उनसे कहा कि वे दोपहर 2 बजे एसईएम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान क्या होता है, उसे देखें और फिर अपने लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करें।
जस्टिस प्रसाद ने कहा कि मान लीजिए कि शाम 4 बजे तक फैसला आपके पक्ष में आ जाता है, तो मामला वहीं समाप्त हो जाएगा। यदि फैसला आपके पक्ष में नहीं आता है, तो आप पुनरीक्षण अदालत और फिर इस कोर्ट में अपील कर सकते हैं। हालांकि, सीजेपी के वकील ने बार-बार हाई कोर्ट में ही सुनवाई और राहत की अपील की।















