डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पिछले एक दशक से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। पहले वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान महात्मा गांधी से जुड़ी थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सर्वोच्च ब्रांड एंबेसडर के रूप में उभरे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक बयान नहीं बल्कि एक आम नागरिक की राय बताया। एक विशेष साक्षात्कार में शेखावत ने बताया कि 10-15 साल पहले भारतीय विदेश में अपनी पहचान बताने में संकोच करते थे और खुद को केवल 'एशियाई' कहते थे। उस समय भारत का नाम सुनकर लोगों को गांधी जी याद आते थे। लेकिन आज भारत का जिक्र होने पर दुनिया भर के लोगों के चेहरे पर मुस्कान आती है और वे गर्व से 'मिस्टर मोदी' का उल्लेख करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी देश के नेता की वैश्विक छवि उस देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है, जिससे पर्यटन को सीधा लाभ होता है। 'इन्क्रेडिबल' से 'इनेविटेबल इंडिया' की यात्रा पर शेखावत ने कहा कि भारतीय दूतावासों का मूल्यांकन अब इस आधार पर भी किया जाएगा कि वे उस देश से कितने पर्यटकों को भारत भेजते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर बुनियादी ढांचे और वैश्विक सुविधाओं के कारण 2047 तक भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या वर्तमान 10 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो जाएगी। दक्षिण कोरिया के 'के-पॉप' और थाईलैंड की 'हॉस्पिटैलिटी' के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पर्यटन पहचान 'इन्क्रेडिबल इंडिया' से आगे बढ़कर 'इनेविटेबल इंडिया' बनने की दिशा में है।




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