जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सीयूईटी-यूजी परीक्षा में 30 मई को तकनीकी खराबी के कारण बड़ी उलझन पैदा हुई। इस समस्या के चलते परीक्षा शुरू होने में 2 से 2.5 घंटे की देरी हुई, जिससे हजारों छात्र प्रभावित हुए। एनटीए ने माफी मांगते हुए घोषणा की कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करने वाले सभी छात्रों को परीक्षा का दूसरा अवसर दिया जाएगा।
परीक्षा के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ियों के कारण 73,106 पंजीकृत छात्रों में से 3,765 छात्र इंतजार न कर पाए और वापस चले गए। हालांकि, इनमें से अधिकांश (लगभग 95%) ने सुबह की पाली की परीक्षा पूरी कर ली थी। एनटीए ने दूसरी पाली की परीक्षा का समय दोपहर 3 बजे से बढ़ाकर 4 बजे कर दिया है और संबंधित सूचना अभिभावकों व छात्रों को भेजी गई है।
परीक्षा आयोजक टीसीएस के सीईओ कृतिवासन ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण सुबह की शिफ्ट में देरी हुई, लेकिन उनकी टीम ने तुरंत समस्या का समाधान किया। राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि नीट, सीबीएसई और एसएससी के बाद अब सीयूईटी में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा - 'चार परीक्षाएं, एक करोड़ बच्चे, एक भी ईमानदारी से नहीं हुई। दावे विश्वगुरु के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते। मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।' डॉ. वीणा तलवार ओल्डेनबर्ग ने बेटियों को पैतृक संपत्ति के अधिकार देकर दहेज हत्या से बचाने का सुझाव दिया।


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