एएनआई, नई दिल्ली। कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है। उन्होंने एक ब्लॉग के माध्यम से दावा किया कि इस प्रक्रिया में एक विशेष एडुटेक कंपनी के प्रति पक्षपातपूर्ण व्यवहार हुआ है।
सिद्धांत ने सीबीएसई की तीन अलग-अलग टेंडर प्रक्रियाओं का विश्लेषण करते हुए बताया कि पहले टेंडर को जीईएम पोर्टल से हटा लिया गया, दूसरे में तकनीकी मूल्यांकन में सभी बोली लगाने वालों को असफल घोषित किया गया, जबकि तीसरा टेंडर अंततः उस एडुटेक कंपनी को आवंटित किया गया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पुराने टेंडर में प्रदर्शन संबंधी शर्तें थीं, जिन्हें नए आरएफपी (आवश्यकता दस्तावेज़) में हटा दिया गया।
इसके अलावा, उन्होंने ब्लैकलिस्टिंग, वित्तीय योग्यता मानदंडों और प्रोजेक्ट क्राइटेरिया में बदलावों पर भी सवाल उठाए, जिसके कारण टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों के मुकाबले एडुटेक कंपनी को फायदा हुआ हो सकता है। सिद्धांत ने ओएसएम प्रणाली को एक सकारात्मक बदलाव माना, लेकिन इसके व्यापक परीक्षण और समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।


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