जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सीबीएसई ने अंततः 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए प्रयुक्त ऑन-मार्क पोर्टल में साइबर सुरक्षा संबंधी कमजोरियों को स्वीकार किया है। यह कदम उस विवाद के बीच उठाया गया है जहाँ उत्तर पुस्तिकाओं के डेटा के सार्वजनिक डोमेन में लीक होने के आरोपों को सीबीएसई ने लंबे समय तक खारिज किया था। रविवार को सीबीएसई ने अपने सेवा प्रदाता के ऑन-मार्क पोर्टल में पाए गए सुरक्षा दोषों को स्वीकार करते हुए बताया कि इन कमजोरियों को ठीक किया जा चुका है और अन्य संभावित खामियों की जाँच जारी है।
ऑन-मार्क पोर्टल एक ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली है जिसका उपयोग इस वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए किया गया था। सीबीएसई ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि पहचाने गए दोषों को दूर किया गया है और भविष्य में दुरुपयोग की संभावना वाली अन्य कमजोरियों की जाँच की जा रही है।
इस मामले में साइबर विशेषज्ञों और छात्रों द्वारा उठाए गए आरोपों को सीबीएसई ने पहले नकारा था, लेकिन रविवार को उन्होंने इन कमजोरियों को उजागर करने वालों के योगदान को स्वीकार किया। सीबीएसई ने जागरूक नागरिकों और नैतिक हैकर्स का आभार जताया और सभी को अपनी सुरक्षा टीम से संपर्क करने का आग्रह किया।
यह विवाद उस समय उभरा जब एक 19 वर्षीय नैतिक हैकर ने दावा किया कि ऑनमार्क पोर्टल का लिंक सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध था और इसके कोड विश्लेषण से परीक्षक खातों पर कब्जे की संभावना वाली कमजोरियाँ सामने आईं। इससे पहले, एक छात्र ने ओएसएम प्रणाली के टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर करके शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को चुनौती दी थी।















