डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर लगाए गए विंडफॉल लाभ कर में संशोधन किया है। नई कर दरें 1 जून से प्रभावी होंगी। पेट्रोल पर विंडफॉल लाभ कर आधा करके 1.50 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.50 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, सड़क एवं अवसंरचना शुल्क पेट्रोल-डीजल निर्यात पर शून्य होगा। घरेलू उपभोग के लिए मौजूदा कर संरचना अपरिवर्तित रखी गई है। पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) तीन रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपये किया गया है, जिसे हर दो सप्ताह में पुनर्समीक्षा की जाती है। डीजल निर्यात पर एसएईडी 16.50 से घटाकर 13.50 रुपये और एटीएफ पर 16 रुपये से घटाकर 9.50 रुपये प्रति लीटर किया गया है। जुलाई 2022 में शुरू किए गए इस कर का उद्देश्य कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना था। रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे निजी रिफाइनर्स इस कर से विशेष रूप से प्रभावित हैं, जो बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करते हैं। जामनगर स्थित रिलायंस की रिफाइनरियों में देश के कुल एटीएफ उत्पादन का लगभग 25% उत्पादित होता है, जिसका अधिकांश हिस्सा विदेशों को निर्यात किया जाता है। ओएनजीसी और आयल इंडिया भी ईंधन निर्यात में सक्रिय हैं। (पीटीआई के स्रोतों से जानकारी)


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