डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा मोड़ आया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अपने गढ़ कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं। चुनाव आयोग के आखिरी राउंड की गिनती के अनुसार, तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने उन्हें 8,795 वोटों के अंतर से पराजित किया। बाबू को 82,997 वोट मिले, जबकि स्टालिन 74,202 वोटों पर सिमट गए।
वी.एस. बाबू का राजनीतिक सफर डीएमके में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। धीरे-धीरे वे नॉर्थ चेन्नई के जिला सचिव बने, लेकिन आंतरिक बदलावों और वरिष्ठ नेताओं के उदय के कारण उनकी भूमिका कमजोर हुई। 2006 में पुरासावक्कम से जीतकर विधायक बने बाबू ने बाद में डीएमके छोड़ दिया और AIADMK से भी संक्षिप्त जुड़ाव रखा। फरवरी 2026 में उन्होंने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK का रास्ता अपनाया।
कोलाथुर सीट पर मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ मुकाबला करने वाले बाबू को पार्टी ने हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार बनाया। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद से स्टालिन का मजबूत क्षेत्र रही है। पहली बार इस सीट से हारने से उनके लंबे समय तक चले प्रभुत्व का अंत हुआ। इस जीत को चुनाव का सबसे बड़ा अप्रत्याशित परिणाम माना जा रहा है।
लोयोला कॉलेज काउंटिंग सेंटर में विजयी प्रमाणपत्र प्राप्त करते समय TVK कार्यकर्ताओं ने जोरदार उत्सव मनाया। तमिलनाडु में TVK ने पहली बार बड़ी चुनावी सफलता हासिल की है और पार्टी ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार, TVK ने 14 सीटें जीतीं और 94 पर बढ़त बनाई, जबकि DMK को 7 सीटों पर जीत और 53 पर बढ़त मिली। AIADMK गठबंधन ने 2 सीटें जीतीं और 43 पर बढ़त बनाई, वहीं कांग्रेस ने 1 सीट जीतकर 4 पर आगेी रही।
कोलाथुर में स्टालिन की हार DMK के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। यह नतीजा न केवल पार्टी नेतृत्व के लिए प्रतीकात्मक पराजय है, बल्कि राज्य की राजनीति में TVK के उभरते हुए वैकल्पिक विकल्प को भी रेखांकित करता है।
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