शामली। दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान पीएनजी गैस पाइपलाइन और उपकरणों के आसपास लापरवाही भारी पड़ सकती है। गैस पाइपलाइन के पास पटाखे, बम और रॉकेट जलाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए जिला पूर्ति विभाग ने जनपद के पीएनजी गैस उपभोक्ताओं और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने गैस पाइपलाइन की सुरक्षा और आपात स्थिति में बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी अंकुर यादव ने बताया कि जनपद शामली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की ओर से पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति की जा रही है। दीपावली के दौरान आतिशबाजी और अन्य ज्वलनशील गतिविधियों के कारण गैस पाइपलाइन तथा उपकरणों के आसपास हादसे की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि गैस पाइपलाइन के आसपास पटाखे, बम और रॉकेट नहीं जलाने चाहिए। मोमबत्ती और दीपक भी पाइपलाइन के नजदीक नहीं रखने चाहिए। पीले रंग से पेंट की गई जीआई पाइप गैस पाइपलाइन को दर्शाती हैं। इसके अलावा गैस उपकरणों के रेगुलेटर, पाइप और क्लैंप का इस्तेमाल आतिशबाजी जलाने के लिए बिल्कुल नहीं करना चाहिए। बताया कि भूमिगत गैस वाल्व चौंबर के ऊपर वाहन खड़ा करने से बचें। वहां मलबा, कबाड़ या अन्य सामग्री भी एकत्रित न करें। पीले रंग से पेंट किए गए मैनहोल चौंबर गैस वाल्व चौंबर की पहचान कराते हैं। आपात स्थिति में गैस आपूर्ति नियंत्रित करने के लिए ये महत्वपूर्ण होते हैं। गैस पाइपलाइन में बिना अनुमति किसी प्रकार का बदलाव या छेड़छाड़ भी नहीं करनी चाहिए। डीसीओ ने बताया कि गैस रिसाव की आशंका होने पर सुरक्षित तरीके से गैस आपूर्ति बंद करनी चाहिए। रसोई में गैस मीटर के प्रवेश द्वार पर लगे आइसोलेशन वाल्व से आपूर्ति बंद की जा सकती है। गैस चूल्हे के पास स्थित उपकरण वाल्व को भी बंद रखना चाहिए। पाइपलाइन से जुड़े घरों की आपूर्ति रोकने के लिए रसोई के बाहर रेगुलेटर से पहले लगे वाल्व का इस्तेमाल किया जा सकता है।















